CM धामी का खास अंदाज, दिव्यांग बच्चों के बीच काटा केक और साझा की जन्मदिन की खुशियां

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान पहुंचकर वहां अध्ययनरत बच्चों के साथ जन्मदिन की खुशियां साझा कीं। मुख्यमंत्री ने बच्चों के बीच केक काटा और उनके साथ आत्मीयता से समय बिताया। इस दौरान संस्थान की बालिकाओं ने जिस स्नेह और भावनात्मक जुड़ाव के साथ मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, वह पल बेहद खास और भावुक कर देने वाला रहा।

बेटियों की शुभकामनाओं ने छुआ दिल

मुख्यमंत्री के जन्मदिन के मौके पर संस्थान की बालिकाओं ने उन्हें अपने अंदाज में शुभकामनाएं दीं। बेटियों की आत्मीयता, स्नेह और भावनाओं से भरी शुभकामनाओं ने मुख्यमंत्री को भावुक कर दिया। इस दौरान माहौल में खुशी के साथ भावनाओं की गहराई भी साफ दिखाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की शुभकामनाओं और उनके स्नेह से वह अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के चेहरों पर खुशी और उनके साथ बिताया गया समय उनके लिए जन्मदिन का सबसे विशेष और यादगार उपहार है।

बेटियों का आत्मविश्वास बना प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बेटियों का आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और दृढ़ इच्छाशक्ति हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, मजबूत इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की क्षमता हर व्यक्ति में होती है। उन्होंने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे में प्रतिभा और अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्हें आगे बढ़ने के लिए सही अवसर, प्रोत्साहन और समाज का विश्वास मिलना जरूरी है।

‘आंखें नम हो गईं, यह पल हमेशा याद रहेगा’

बालिकाओं की शुभकामनाओं को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय भावनाएं इतनी गहरी थीं कि उनकी आंखें भी नम हो गईं। उन्होंने कहा कि बेटियों का स्नेह और उनके चेहरे की खुशी उनके जन्मदिन को और भी विशेष बना गई। मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने लक्ष्य की ओर पूरे आत्मविश्वास और उत्साह के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास, दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास के बल पर जीवन की अनेक चुनौतियों को पार किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि समाज को मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करना चाहिए, जिसमें हर बच्चा अपनी प्रतिभा को पहचान सके और अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *