देहरादून:- उत्तराखंड से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। नैनीताल हाईकोर्ट के अधिवक्ता नवनीश नेगी को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी वाला पत्र मिला है। बताया जा रहा है कि पत्र भेजने वाले ने खुद को ‘यमराज’ बताया है और अधिवक्ता के जल्द अंत होने की बात लिखी है। नवनीश नेगी प्रदेश में चर्चित जनहित से जुड़े मामलों की पैरवी कर रहे हैं। इनमें अंकिता भंडारी मामला और कोटद्वार के मोहम्मद दीपक से जुड़ा मामला भी शामिल बताया जा रहा है। धमकी भरा पत्र सामने आने के बाद अधिवक्ताओं के बीच नाराजगी और चिंता का माहौल है।
अलग-अलग भाषाओं में टाइप किया गया पत्र
जानकारी के मुताबिक, अधिवक्ता नवनीश नेगी को मिले पत्र में कथित तौर पर उनके खिलाफ गंभीर धमकी दी गई है। पत्र में लिखा गया है कि उनका अंत करीब है। धमकी देने वाले ने कथित तौर पर पहले सड़क हादसे और उसके बाद हमला किए जाने की बात कही है। बताया जा रहा है कि पत्र को अलग-अलग भाषाओं में टाइप किया गया था, जिसके कारण उसे पढ़ना आसान नहीं था। बाद में गूगल लेंस की मदद से पत्र में लिखी गई सामग्री को समझा जा सका। पत्र में इस्तेमाल भाषा और उसमें दी गई धमकी को लेकर अधिवक्ता समुदाय में चिंता जताई जा रही है।
अधिवक्ताओं में आक्रोश, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
घटना की जानकारी सामने आने के बाद साथी अधिवक्ताओं में आक्रोश है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि किसी वकील को उसके पेशेवर काम के कारण धमकाया जाता है, तो यह न्यायिक प्रक्रिया के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। अधिवक्ताओं ने कहा कि वकीलों को बिना किसी भय या दबाव के अदालत में अपने मुवक्किलों की पैरवी और जनहित से जुड़े मामलों को उठाने का अधिकार होना चाहिए। इसके लिए उन्हें सुरक्षित वातावरण मिलना जरूरी है।
एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग
धमकी की घटना के बाद उत्तराखंड में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग भी तेज हो गई है। अधिवक्ताओं का कहना है कि वकीलों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में स्पष्ट कानूनी व्यवस्था जरूरी है। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार से उत्तराखंड में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की दिशा में जल्द कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि वकीलों को पेशेवर दायित्व निभाते समय सुरक्षा और कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए।
जनहित के मामलों की पैरवी कर रहे हैं नवनीश नेगी
अधिवक्ता नवनीश नेगी उत्तराखंड में जनहित से जुड़े कई मामलों में पैरवी कर रहे हैं। उनके द्वारा अंकिता भंडारी और कोटद्वार के मोहम्मद दीपक से संबंधित मामलों की पैरवी किए जाने का उल्लेख भी सामने आया है। धमकी भरे पत्र के बाद अब मामले को लेकर सुरक्षा और जांच पर ध्यान केंद्रित है। पत्र किसने भेजा और इसके पीछे वास्तविक वजह क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।