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  • Uttarakhand News: उपराष्ट्रपति का दो दिवसीय दौरा, 20 अगस्त को मसूरी में करेंगे शिरकत

    Uttarakhand News: उपराष्ट्रपति का दो दिवसीय दौरा, 20 अगस्त को मसूरी में करेंगे शिरकत

    देहरादून:- उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन आज यानी बुधवार, 19 अगस्त को दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचेंगे। अपने दौरे के दौरान वह देहरादून और मसूरी में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। उपराष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

    आईजीएनएफए में IFS प्रशिक्षु अधिकारियों से करेंगे संवाद

    उपराष्ट्रपति 19 अगस्त को देहरादून स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (IGNFA) पहुंचेंगे। यहां वह 2025-27 बैच के भारतीय वन सेवा (IFS) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों से संवाद करेंगे।  कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति अधिकारियों को संबोधित भी करेंगे। अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में वह सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।

    20 अगस्त को मसूरी में कार्यक्रम

    दौरे के दूसरे दिन यानी 20 अगस्त को उपराष्ट्रपति लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी पहुंचेंगे। यहां वह 2024 बैच के आईएएस अधिकारियों के प्रोफेशनल कोर्स के दूसरे चरण के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मसूरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।

    उपराष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा कड़ी

    सीपी राधाकृष्णन के दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे को देखते हुए देहरादून पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। कार्यक्रम स्थलों और उनके आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ ही शहर की सीमाओं तथा प्रमुख स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम स्थलों के आसपास आने-जाने वाले लोगों और वाहनों पर भी निगरानी रखी जा रही है। उपराष्ट्रपति के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की चूक न हो, इसके लिए पुलिस अधिकारियों ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर तैयारियां पूरी की हैं।

  • राज्यसभा में राम मंदिर मुद्दे पर घमासान, सभापति ने खरगे को बोलने की अनुमति नहीं दी

    राज्यसभा में राम मंदिर मुद्दे पर घमासान, सभापति ने खरगे को बोलने की अनुमति नहीं दी

    राज्यसभा में मंगलवार को राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाने की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे और बाद में 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।  सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर सभापति सीपी राधाकृष्णन ने जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके बाद सदस्यों से शून्यकाल में लोकमहत्व के मुद्दे उठाने को कहा गया। बीजू जनता दल के डॉ. संतृप्त मिश्र को अपनी बात रखने का मौका मिला। उन्होंने ओडिशा में उर्वरक की उपलब्धता से जुड़ा मुद्दा ओड़िया भाषा में उठाया।

    इसी दौरान विपक्षी सदस्य नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने की अनुमति देने की मांग करने लगे। मिश्र का वक्तव्य खत्म होने से पहले खरगे खड़े हुए और राम मंदिर से जुड़ा मुद्दा उठाने की अनुमति मांगी। खरगे ने कहा कि वह नया मुद्दा उठाना चाहते हैं और यह राम मंदिर से संबंधित है। उनके इतना कहते ही सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया। बढ़ते हंगामे के बीच सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर सभापति ने प्रश्नकाल शुरू करने की कोशिश की। इसी दौरान खरगे ने फिर राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाने की मांग की। सभापति ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने सत्ता पक्ष के सदस्यों को भी झारखंड से जुड़े मुद्दे को उठाने की अनुमति नहीं दी, क्योंकि वह राज्य का विषय है।

    राधाकृष्णन ने कहा कि विपक्ष को हर दिन एक ही विषय उठाकर सदन की कार्यवाही बाधित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने खरगे और अन्य विपक्षी सदस्यों से अपनी सीट पर बैठने की अपील की। सभापति ने कहा कि उन्होंने पहले भी खरगे को कई बार बोलने की अनुमति दी है, लेकिन राज्य से जुड़े विषय को सदन में उठाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके बावजूद विपक्षी सदस्यों का हंगामा और नारेबाजी जारी रही। सभापति ने प्रश्नकाल के जरिए कार्यवाही आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण ऐसा नहीं हो सका। लगातार हंगामे के बाद सभापति ने राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इस दौरान राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

  • उस्ताद जाकिर हुसैन के निधन पर शोक की लहर, शरद पवार और राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने किया सम्मान

    उस्ताद जाकिर हुसैन के निधन पर शोक की लहर, शरद पवार और राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने किया सम्मान

    मशहूर तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन के निधन के बाद पूरे देश और दुनिया में शोक की लहर है। महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन, पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने उस्ताद जाकिर हुसैन को श्रद्धांजलि दी है। महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि उस्ताद जाकिर हुसैन का संगीत अमर रहेगा। देश ने अपने सबसे प्रिय और प्रतिष्ठित सांस्कृतिक प्रतीक को खो दिया है।

    राज्यपाल ने उनको महान उस्ताद अल्ला रक्खा का समर्पित शिष्य और पुत्र बताया। उन्होंने तबले को वैश्विक प्रसिद्धि दिलाई। राज्यपाल ने कहा कि असाधारण प्रदर्शन ने उन्हें शास्त्रीय शुद्धतावादियों और व्यापक दर्शकों के बीच लोकप्रिय बनाया। उन्होंने अपने गहन, चंचल और आकर्षक प्रदर्शन से सभी को मंत्रमुग्ध किया।

    राज्यपाल राधाकृष्णन ने कहा कि उस्ताद जाकिर हुसैन को संगीतकारों की तीन पीढ़ियों के साथ प्रदर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह एक अमिट विरासत है। उनके जाने से संगीत की दुनिया में एक अद्वितीय शून्य पैदा हो गया है। उस्ताद ज़ाकिर हुसैन का संगीत अमर रहेगा। जो संगीतकारों की पीढ़ियों को कुछ नया करने और उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा। मैं उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।

    पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने कहा कि प्रसिद्ध तबला वादक पद्म भूषण उस्ताद जाकिर हुसैन के निधन की खबर दिल दहलाने वाली है। जाकिर हुसैन भारत के सबसे मशहूर तबला वादक के रूप में जाने जाते थे। वे एक बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने तबले को विश्व पटल पर स्थापित किया। कला जगत के एक दिग्गज का आज निधन हो गया।

    प्रियंका चतुर्वेदी ने दिग्गज तबला वादक को श्रद्धांजलि दी
    राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने दिग्गज तबला वादक को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि ‘तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन के बिना संगीत की दुनिया अधूरी रह जाएगी। उनके परिवार, दोस्तों और दुनिया भर में उनके प्रशंसकों के प्रति हार्दिक संवेदना। मेरी प्रार्थनाएं, ओम शांति।’

    दुनिया में शोक की लहर

    ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार रिकी केज ने हुसैन को उनकी अत्यंत विनम्रता, मिलनसार स्वभाव के लिए याद किया। केज ने कहा, ‘भारत के अब तक के सबसे महान संगीतकारों और व्यक्तित्वों में से एक। खुद को इस मुकाम तक पहुंचाने के साथ-साथ, जाकिर जी को कई संगीतकारों के करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए जाना जाता था।’ अमेरिकी ड्रमर नैट स्मिथ ने कहा कि हुसैन जी आपने हमें जो भी संगीत दिया, उसके लिए धन्यवाद।

    उस्ताद अल्ला रक्खा खां के पुत्र पद्म विभूषण उस्ताद जाकिर हुसैन का सोमवार सुबह अमेरिका में निधन हो गया। उस्ताद जाकिर हुसैन को पिछले सप्ताह अमेरिका के एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। उन्हें रक्तचाप की समस्या थी।