हरिद्वार के ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां एक फ्लैट में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण की थी घबराकर वहां रह रहे एक व्यक्ति ने तीसरी मंजिल से नीचे छलांग लगा दी। इस दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
अस्पताल ले जाने पर चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया है। प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की बात सामने आई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार की देर रात कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि नक्षत्र वाटिका निकट रानीपुर झाल भूमानंद अस्पताल के पीछे कॉलोनी में बने तीन मंजिला भवन में आग लग गई है। आग से बचने के लिए एक व्यक्ति तीसरी मंजिल से नीचे कूद गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जानकारी जुटाने पर पता चला कि सोनू सिंह(36) पुत्र श्यामवीर निवासी नक्षत्र वाटिका फ्लैट नंबर 57 के तीसरी मंजिल से नीचे कूदने के कारण कूल्हे, चेस्ट व शरीर के अन्य जगह की हड्डियों में फ्रैक्चर हुआ है।
कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि घायल सोनू सिंह को उपचार के दौरान डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया गया है। मौके पर पड़ताल की गई है। प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की बात सामने आई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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हरिद्वार के ज्वालापुर में शुक्रवार को फ्लैट में लगी भीषण आग।
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हदीपुर बालाजी दर्शन के लिए आए परिवार के 4 लोग धर्मशाला में मृत पाए गए, सफाईकर्मी को झटका
मेंहदीपुर बालाजी दर्शन के लिए गए देहरादून के परिवार के चार लोग धर्मशाला में कमरा नंबर 119 में मृत मिले। कर्मचारी सफाई करने पहुंचा तो दरवाजा खोलते ही उसके होश उड़ गए।
राजस्थान में मेंहदीपुर बालाजी दर्शनों के लिए गए देहरादून के एक परिवार के चार लोगों की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतकों में दंपती और उनके पुत्र व पुत्री शामिल हैं। मृतकों के शव बालाजी धाम के पास एक धर्मशाला के कमरे में पड़े मिले। राजस्थान पुलिस इसे सामूहिक आत्महत्या मान रही है। हालांकि, एक शक जहर खुरानी गिरोह पर भी जा रहा है।
घटना 12 जनवरी की है। राजस्थान पुलिस की ओर से शवों की पहचान होने के बाद मंगलवार को घटना के संबंध में देहरादून पुलिस को इत्तला दी गई है। एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
मृतकों की पहचान रायपुर के बांगखाला चकतुनवाला के सुरेंद्र कुमार उपाध्याय (52), उनकी पत्नी कमलेश (48), पुत्री नीलम उपाध्याय और पुत्र नितिन उपाध्याय के रूप में हुई है। परिवार देहरादून से चार दिन पहले निकला था।
बताया जा रहा है कि मेंहदीपुर की रामकृष्ण धर्मशाला में कमरा नंबर 119 में कर्मचारी सफाई करने पहुंचा था। उसने देखा कि कमरे में दो लोग अचेत अवस्था में बेड पर और दो जमीन पर पड़े थे।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चिकित्सकों को बुलाया तो उन्होंने सभी को मृत घोषित कर दिया। कुछ के मुंह से झाग निकल रहे थे। राजस्थान पुलिस इसे प्रथमदृष्टया सामूहिक आत्महत्या मान रही है। ब्यूरो
स्थानीय पुलिस के अनुसार नितिन उपाध्याय ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में नियमित कर्मचारी थे। जबकि उनके पिता एक अधिकारी की गाड़ी चलाते थे। नितिन की बहन नीलम की शादी हो चुकी है। लेकिन वह ससुराल से अलग होकर अपने मायके में ही रहती है। कमरा नितिन के नाम पर ही बुक था।
