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  • नारायणपुर में डीआरजी और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 28 नक्सलियों की मौत, संख्या और बढ़ने की संभावना

    नारायणपुर में डीआरजी और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 28 नक्सलियों की मौत, संख्या और बढ़ने की संभावना

    छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में डीआरजी के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। अबूझमाड़ इलाके में हो रही इस मुठभड़े में 28 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि मारे गए नक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है। कई नक्सलियों के शव और भारी संख्या में हथियार बरामद होने की खबर है। मुठभेड़ में एक जवान के बलिदान होने और एक जवान घायल होने की भी खबर है। बताया जा रहा है कि डीआरजी के जवानों ने बड़े नक्सली लीडर्स को घेर लिया है।

    नारायणपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों डीआरजी के जवानों से नक्सलियों की मुठभेड़ जारी है। माड़ के इलाके में सुबह से फायरिंग हो रही है। बताया जा रहा है कि डीआरजी के जवानों ने नक्सली लीडर रुपेश और विकल्प भी समेत कई बड़े नक्सली लीडर्स को घेर लिया है। दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है। 28 से ज्यादा नक्ललियों के मारे जाने खबर सामने आ रही है, मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ भी सकती है। खूंखार नक्सली बसव राजू के भी मुठभेड़ में मारे जाने की बात सामने आ रही है। नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सरहद पर मुठभेड़ चल रही है।

    छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 50 घंटों से सर्च ऑपरेशन चल रहा था। जिसमें मुठभेड़ हुई और 26 से ज्यादा नक्सली मारे गए हैं। कुछ बडे़ कैडर की भी इसमें शामिल होने की संभावना है। अभी सर्च अभियान जारी है। जिसके बाद स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। मुठभेड़ में एक जवान घायल हुआ है, लेकिन वह खतरे से बाहर है। हमारे एक जवान ने मुठभेड़ के दौरान अपनी जान गंवा दी।

  • “गया जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की बड़ी साजिश को किया नाकाम”

    “गया जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की बड़ी साजिश को किया नाकाम”

    गया जिले के डुमरिया थाना क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। छत्तीसगढ़ में हुए आईईडी विस्फोट के बाद नक्सली गया में सुरक्षाबलों को निशाना बनाना चाहते थे। लेकिन जवानों की सूझबूझ और सतर्कता ने नक्सलियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। डुमरिया के चकरबंधा और तारचुआं के जंगलों में सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में विस्फोटक और अन्य सामग्रियां बरामद की हैं।
    गुप्त सूचना से टला बड़ा हमला
    जानकारी के मुताबिक, सुरक्षाबलों को इस हमले की साजिश की जानकारी पहले ही मिल गई थी। बुधवार की सुबह 29वीं वाहिनी सशस्त्र बल के कमांडेंट हरे कृष्ण गुप्ता को गुप्त सूचना मिली। उसके आधार पर 47वीं वाहिनी सीआरपीएफ और गया पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान के तहत चकरबंधा और तारचुआं के घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन किया गया।
    जांच के दौरान जंगल में 20 किलोग्राम विस्फोटक समेत अन्य सामग्री बरामद हुई। इन सामग्रियों का उपयोग नक्सली विस्फोटक बनाने और सुरक्षा बलों पर हमला करने के लिए करने वाले थे।
    क्या-क्या बरामद हुआ?
    सुरक्षाबलों ने जंगल से विस्फोटक और उससे संबंधित सामग्रियां बरामद कीं, जिनमें 20 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री, 15 प्रेशर कुकर, 8 गैस सिलिंडर, 85 स्टील कंटेनर (बड़े और छोटे), एक ड्रिल मशीन और 20 बिट्स, 24 बंडल तार, 22 टीफिन बॉक्स, तीन किलो प्लास्टर ऑफ पेरिस, 110 डिस्पोजल सीरिंज, 132 लोहे के पाइप सॉकेट और पांच पैकेट मिथाइल पैराथियान पॉलीटेक्स आदि शामिल हैं। इन सभी बरामद सामग्रियों को बम निरोधक दस्ते द्वारा घटनास्थल पर ही नष्ट कर दिया गया।

    सुरक्षाबलों को बनाना चाहते थे निशाना
    नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए यह विस्फोटक जंगल में छिपाया था। छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुए आईईडी विस्फोट, जिसमें आठ जवान शहीद हुए थे, के बाद गया को दहलाने की साजिश रची गई थी। हालांकि सुरक्षाबलों की चौकसी के कारण यह साजिश नाकाम हो गई।

    अभियान की सफलता पर प्रतिक्रिया
    गया के एसएसपी ने इस सफलता पर कहा कि नक्सलियों की साजिश को समय रहते नाकाम करना सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। जंगल से बरामद विस्फोटक और सामग्री से यह स्पष्ट है कि नक्सली बड़े हमले की तैयारी में थे। सुरक्षाबलों ने सतर्कता दिखाकर इसे रोक दिया। आगे भी नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।