हल्द्वानी में 18 साल बाद अतिक्रमण हटाने पर ऐसा क्यों हुआ बवाल? हर कोई पूछ रहा यह सवाल

हल्द्वानी का वनभूलपुरा क्षेत्र 18 साल बाद फिर से क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने को लेकर हुई हिंसा के बाद चर्चा में आया है। क्षेत्र में प्रशासन के क्षेत्र में मदरसे और धार्मिक स्थल से अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा में 6 लोगों की मौत ने पूरे क्षेत्र को अशांत कर दिया है।

इससे पहले वर्ष 2006 में रेलवे की भूमि से अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान वनभूलपुरा के गफूर बस्ती क्षेत्र में अतिक्रमण ध्वस्त किए जाने के दौरान पुलिस और क्षेत्र के लोगों के बीच झड़पें हुईं थीं। साथ ही वनभुलपुरा में हाईकोर्ट के अतिक्रमण हटाने के आदेश के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया था, लेकिन पुलिस व प्रशासन की सुजबूझ के चलते मामला शांत रहा।

जिससे के बाद सुप्रीम कोर्ट की रोक से क्षेत्र के 4600 परिवारों को राहत मिली। हल्द्वानी के वनभुलपुरा का एक हिस्सा नजूल व रेलवे की भूमि पर बसे होने के कारण विवादों में रहता है। वर्ष 2006 में रेलवे ने प्रशासन की मदद से वनभुलपुरा के गफूर बस्ती क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।

इस दौरान क्षेत्र में रह रहे सैकड़ों घरों को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान क्षेत्र में पुलिस और लोगों के बीच कई बार झड़पें हुई। लेकिन बाद में रेलवे के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी होने के बाद मामला शांत हो गया।

बाद में रेलवे ने फिर से क्षेत्र में विस्तार के लिए करीब 4600 घरों को चिह्नित कर इज्जतनगर में वाद चलाया। जिसमें सारे परिवारों को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए। लेकिन रेलवे मामले में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही शुरू नहीं कर पाया।

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