मुख्यमंत्री सख्त: छात्रवृत्ति घोटाले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

जांच के घेरे में आई 92 संस्थाएं

प्रथम दृष्टया जांच में पाया गया कि कुछ मदरसे, संस्कृत विद्यालयों समेत अन्य शिक्षण संस्थाओं ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति प्राप्त की है।

17 संस्थाओं के खिलाफ हो चुकी है गबन की पुष्टि

केंद्र सरकार द्वारा 2021-22 और 2022-23 सत्र के आंकड़े साझा किए गए थे, जिनके अनुसार उत्तराखंड की कुल 92 संस्थाएं संदेह के दायरे में आई। इनमें से 17 संस्थाओं के खिलाफ छात्रवृत्ति गबन की पुष्टि हो चुकी है। ऊधमसिंह नगर के सरस्वती शिशु मंदिर हाई स्कूल और रुद्रप्रयाग के वासुकेदार संस्कृत महाविद्यालय समेत नैनीताल, हरिद्वार और अन्य जिलों की संस्थाएं जांच के दायरे में हैं।

जांच के घेरे में आएंगे कई अफसर

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया है कि छात्रवृत्ति जैसे कल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसआईटी न सिर्फ संबंधित संस्थाओं की जांच करेगी, बल्कि इस घोटाले में शामिल रहे अधिकारियों की भूमिका की भी विस्तृत समीक्षा करेगी।

कई मामलों में छात्र संख्या, आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज भी जाली पाए गए हैं।

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