मेयर सौरभ जोशी बोले- हमारे अध्यक्ष माफी मांग चुके हैं

चंडीगढ़ नगर निगम की मासिक बैठक सोमवार को भारी हंगामे के बीच शुरू हुई। बैठक की शुरुआत होते ही विपक्षी पार्षदों ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जेपी मल्होत्रा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे सदन का माहौल पूरी तरह गरमा गया। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पार्षद हाथों में विरोध स्वरूप तख्तियां लेकर सदन में पहुंचे और भाजपा के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कुछ समय तक लगातार नारेबाजी और विरोध के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित रही।

विपक्षी पार्षदों ने अयोध्या में कथित चंदा चोरी के मामले को भी प्रमुखता से उठाया और इस मुद्दे पर भाजपा को घेरने का प्रयास किया। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने आरोप लगाया कि इस मामले पर भाजपा को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्षदों ने विभिन्न नारे लगाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई।

नगर निगम परिसर में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। सदन के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अव्यवस्था न फैले। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए निगम कार्यालय परिसर में आने-जाने वालों पर भी विशेष नजर रखी गई।

हंगामे के बीच मेयर सौरभ जोशी ने विपक्ष को शांत कराने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जेपी मल्होत्रा अपने बयान को लेकर पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। मेयर ने कहा कि जब संबंधित व्यक्ति अपनी गलती स्वीकार कर माफी मांग चुका है तो अब सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलने देना चाहिए। उन्होंने सभी पार्षदों से जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने और नगर निगम की बैठक को सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ाने की अपील की।

हालांकि विपक्ष अपने रुख पर कायम रहा और विरोध जारी रखा। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने कहा कि केवल माफी मांग लेने से मामला समाप्त नहीं हो जाता और जनता के सामने सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जाना चाहिए। विरोध के कारण नगर निगम की बैठक का शुरुआती हिस्सा पूरी तरह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और नारेबाजी के बीच बीता।

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