उत्तराखंड में भर्ती घोटालों को लेकर भाजपा का कांग्रेस पर बड़ा हमला – Uttarakhand View

उत्तराखंड में भर्ती घोटालों को लेकर भाजपा का कांग्रेस पर बड़ा हमला

देहरादून:- उत्तराखंड में राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि छात्र राहुल गांधी से संवाद करें तो उन्हें कांग्रेस शासनकाल के दौरान सामने आए भर्ती घोटालों और परीक्षा अनियमितताओं पर भी सवाल पूछने चाहिए। महेंद्र भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड में भर्ती प्रक्रिया को लेकर अतीत में कई विवाद सामने आए, जिनमें पुलिस दरोगा भर्ती, पटवारी भर्ती, बीडीओ, वीपीडीओ, सिडकुल, आयुर्वेद विश्वविद्यालय और तकनीकी विश्वविद्यालय से जुड़ी भर्तियां शामिल रही हैं। उनका आरोप है कि इन मामलों के दौरान भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठे और कई मामलों की जांच विभिन्न एजेंसियों तक पहुंची।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में भर्ती प्रक्रिया पर युवाओं का भरोसा कमजोर हुआ, जबकि वर्तमान राज्य सरकार ने भर्ती व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की और नकल रोकने के लिए कड़े कानून लागू किए। भट्ट के अनुसार, सरकार ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कानूनी और प्रशासनिक सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि नकल और भर्ती अनियमितताओं से जुड़े मामलों में कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और राज्य में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने का प्रयास किया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्तियां दी गई हैं। भाजपा का दावा है कि यह पूरी प्रक्रिया योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर संपन्न हुई है, जिससे युवाओं का भरोसा भर्ती व्यवस्था में फिर से मजबूत हुआ है। महेंद्र भट्ट ने राहुल गांधी से सवाल किया कि युवाओं के मुद्दों पर चर्चा करने से पहले कांग्रेस को अपने शासनकाल के दौरान भर्ती प्रक्रियाओं पर लगे आरोपों और विवादों पर भी स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उनका कहना है कि उत्तराखंड का युवा राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अधिक पारदर्शी व्यवस्था और रोजगार के अवसरों को महत्व देता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी के देहरादून दौरे और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच युवाओं, रोजगार और भर्ती परीक्षाओं को लेकर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।

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