सरकारी राशन योजना में बड़ा बदलाव, निष्क्रिय राशन कार्डों को किया जा रहा ब्लॉक

हरियाणा में सरकारी राशन योजना का लाभ लेने वाले ऐसे परिवारों पर अब विभाग की नजर है, जो लंबे समय से राशन डिपो से खाद्यान्न नहीं उठा रहे हैं। नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID) और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से ऐसे राशन कार्डों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि कौन से राशन कार्ड लंबे समय से निष्क्रिय हैं और जिन पर बायोमीट्रिक के जरिए राशन लेने की प्रक्रिया दर्ज नहीं हुई है। विभागीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, हरियाणा में करीब 1.5 लाख से 2 लाख राशन कार्ड ऐसे हो सकते हैं, जिनके लाभार्थी लंबे समय से डिपो से राशन नहीं ले रहे हैं। ऐसे निष्क्रिय राशन कार्डों की पहचान कर उन्हें फिलहाल पोर्टल पर ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके पीछे उद्देश्य राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना और वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजना का लाभ पहुंचाना है।

अधिकारियों के मुताबिक, राशन कार्ड का लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं होने और बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं होने की स्थिति में संबंधित कार्ड की पात्रता की दोबारा जांच की जा सकती है। विभाग यह भी देखेगा कि लाभार्थी परिवार अभी भी सरकारी राशन योजना के निर्धारित मानकों को पूरा करता है या नहीं। हालांकि, ऐसे परिवारों को राहत भी दी गई है जो बीमारी, दूसरे शहर में रहने, पारिवारिक परिस्थितियों या किसी अन्य उचित कारण से कुछ महीनों तक राशन नहीं ले सके। ऐसे मामलों में राशन कार्ड को दोबारा सक्रिय कराने का विकल्प उपलब्ध रहेगा। इसके लिए लाभार्थियों को अपनी पात्रता से संबंधित दस्तावेजों का दोबारा सत्यापन करवाना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों के लाभार्थियों को दोबारा सत्यापन के दौरान तहसीलदार या नायब तहसीलदार से सत्यापित शपथ पत्र भी प्रस्तुत करना पड़ सकता है। इसके साथ आय, संपत्ति और पात्रता से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। सत्यापन में परिवार पात्र पाया जाता है तो उसका राशन कार्ड दोबारा सक्रिय कर सरकारी राशन की सुविधा बहाल की जा सकेगी। सरकार की इस प्रक्रिया का मकसद निष्क्रिय और अपात्र राशन कार्डों की पहचान करना है, ताकि सरकारी खाद्यान्न योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके। वहीं, लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले परिवारों को सलाह दी गई है कि यदि उनका कार्ड किसी वास्तविक कारण से निष्क्रिय हुआ है तो वे संबंधित विभाग से संपर्क कर अपनी स्थिति स्पष्ट करें।

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