ADA भर्ती में अनुभव प्रमाणपत्र को लेकर विवाद, हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से मांगी स्थिति स्पष्ट करने को

पंजाब में सहायक जिला अटार्नी (ग्रुप-बी) के पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक दिया है। भर्ती में निर्धारित दो वर्ष की अनिवार्य वकालत और उसके प्रमाण से जुड़े सवालों को लेकर अदालत ने पंजाब सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। हाईकोर्ट ने सरकार से यह भी बताने को कहा है कि उम्मीदवारों की दो वर्ष की वकालत पूरी होने की गणना के लिए कौन सी तारीख कटऑफ के तौर पर निर्धारित की गई है।

याचिका में अनुभव की शर्त को चुनौती

यह मामला अमितेश्वर सिंह राजपूत और अन्य की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने भर्ती प्रक्रिया में दो वर्ष की वकालत के अनुभव से संबंधित अनिवार्य शर्त को चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि भर्ती विज्ञापन में वास्तविक वकालत के अनुभव के सत्यापन की प्रक्रिया को पर्याप्त रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है। उनका कहना है कि सभी उम्मीदवारों के अनुभव की जांच के लिए एक समान और निष्पक्ष व्यवस्था जरूरी है।

नामांकन को वास्तविक प्रैक्टिस का प्रमाण मानने पर सवाल

याचिका में यह मुद्दा भी उठाया गया है कि केवल बार काउंसिल में अधिवक्ता के तौर पर नामांकन को वास्तविक वकालत का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता। याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, कोई व्यक्ति बार में नामांकित होने के बावजूद नियमित रूप से अदालत में प्रैक्टिस नहीं कर रहा हो सकता है। ऐसे में यह निर्धारित करना महत्वपूर्ण हो जाता है कि उम्मीदवार ने वास्तव में कितने समय तक वकालत की है और उस अनुभव को प्रमाणित करने का आधार क्या होगा।

सरकार ने बताया अनुभव का प्रमाण कैसे होगा

सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से बताया गया कि दो वर्ष के वकालत अनुभव को बार काउंसिल या संबंधित बार एसोसिएशन की ओर से जारी प्रमाणपत्र के आधार पर माना जाएगा। हालांकि, इसी प्रक्रिया और अनुभव की गणना से जुड़े सवालों पर हाईकोर्ट ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने विशेष रूप से दो वर्ष की प्रैक्टिस पूरी होने की तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

भर्ती प्रक्रिया पर फिलहाल रोक

अनुभव की अनिवार्य शर्त और उसके सत्यापन से जुड़े विवाद पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सहायक जिला अटार्नी पदों की भर्ती प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है। अब मामले में पंजाब सरकार के जवाब के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। भर्ती में शामिल उम्मीदवारों के लिए आगे की प्रक्रिया अदालत के आदेश और सरकार की ओर से दाखिल किए जाने वाले जवाब पर निर्भर करेगी।

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