देहरादून:- सरकारी परिसंपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त कराने और उनकी वास्तविक सीमाएं निर्धारित करने को लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी आशीष चौहान ने संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक कर हाईकोर्ट और शासन के निर्देशों का प्राथमिकता से पालन करने को कहा। वहीं, परिसंपत्तियों की मैपिंग का काम शुरू नहीं करने वाले 12 विभागों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने अधिकारियों को उत्तराखंड सरकारी परिसंपत्ति प्रणाली (UK-GAMS) पोर्टल पर दर्ज अतिक्रमण के मामलों में जल्द कार्रवाई करने को कहा है। प्रशासन का जोर सरकारी जमीन और परिसंपत्तियों की सटीक पहचान के साथ उनकी सीमाएं डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज करने पर है।
सैटेलाइट पॉलीगॉन मैपिंग से तय होगी परिसंपत्तियों की सीमा
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपनी सरकारी परिसंपत्तियों की सीमा सैटेलाइट पॉलीगॉन मैप के आधार पर निर्धारित करें। इसके बाद संबंधित जानकारी को अनिवार्य रूप से UK-GAMS पोर्टल पर अपलोड किया जाए। डीएम ने स्पष्ट किया कि पोर्टल पर चिन्हित अतिक्रमण के मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
12 विभागों को कारण बताओ नोटिस
बैठक में सामने आया कि कई विभागों ने अभी तक परिसंपत्तियों की मैपिंग का काम शुरू नहीं किया है। इस पर जिलाधिकारी ने विजिलेंस, उच्च शिक्षा निदेशालय, शहरी विकास निदेशालय, सूचना प्रौद्योगिकी एजेंसी, राज्य संपदा विभाग और यूकॉस्ट समेत 12 विभागों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। डीएम ने यह भी कहा कि जिन विभागों की 100 से अधिक परिसंपत्तियों की पॉलीगॉन मैपिंग अभी बाकी है, उन्हें चेतावनी नोटिस जारी किया जाएगा। अधिकारियों को लंबित कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
16 विभागों ने मैपिंग का काम किया पूरा
समीक्षा के दौरान बताया गया कि देहरादून जिले के 16 विभाग परिसंपत्तियों की मैपिंग का काम 100 प्रतिशत पूरा कर चुके हैं। वहीं 41 विभागों में मैपिंग का कार्य अभी प्रगति पर है। शेष विभागों को भी काम में तेजी लाकर इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों का अनुपालन सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाना चाहिए। यदि निर्धारित समय में प्रगति नहीं हुई तो संबंधित विभागीय अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने पर प्रशासन का जोर
प्रशासन का कहना है कि सरकारी परिसंपत्तियों की डिजिटल मैपिंग से उनकी वास्तविक स्थिति और सीमा स्पष्ट करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही UK-GAMS पोर्टल पर दर्ज अतिक्रमण की पहचान कर कार्रवाई को भी गति दी जाएगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड में सरकारी जमीनों और परिसंपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाते रहे हैं। देहरादून प्रशासन की मौजूदा कार्रवाई को भी इसी अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है।