पदों के वर्गवार वितरण में बदलाव का आरोप, हाईकोर्ट ने सुरक्षित कराया भर्ती रिकॉर्ड

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 41 ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधकों और 44 क्लस्टर समन्वयकों की भर्ती प्रक्रिया पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। अदालत ने प्रथम दृष्टया चयन प्रक्रिया में अंकों के निर्धारण और उपलब्ध रिकॉर्ड में कई विसंगतियां व अस्पष्टताएं पाए जाने के बाद यह अंतरिम आदेश जारी किया। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया गया कि कुल 100 अंकों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया निर्धारित की गई थी। इसमें लिखित परीक्षा के लिए 70 अंक, जबकि साक्षात्कार, शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव के लिए कुल 30 अंक तय किए गए थे। याचिकाकर्ताओं ने अदालत के सामने चयन प्रक्रिया में अंकों के बंटवारे को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना था कि भर्ती विज्ञापन में 30 अंकों के वितरण को पर्याप्त रूप से स्पष्ट नहीं किया गया था। वहीं, अदालत के समक्ष पेश किए गए मूल रिकॉर्ड में लिखित परीक्षा के 70 अंक और साक्षात्कार के केवल 10 अंक दर्ज पाए गए।

विज्ञापन में शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव के लिए 10-10 अंक निर्धारित किए गए थे, लेकिन इन अंकों को उम्मीदवारों को किस आधार पर और किस तरीके से प्रदान किया गया, इसका स्पष्ट रिकॉर्ड अदालत के सामने नहीं मिल सका। इसी बिंदु को लेकर हाईकोर्ट ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रथम दृष्टया सवाल उठाए हैं। याचिका में यह आरोप भी लगाया गया कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद पदों के वर्गवार वितरण में बदलाव किया गया। इसके अलावा एक विज्ञापित पद को बिना स्पष्ट कारण खाली छोड़ने का भी आरोप लगाया गया। याचिकाकर्ताओं ने इन बदलावों और चयन प्रक्रिया के तरीके पर आपत्ति जताते हुए अदालत से हस्तक्षेप की मांग की। मामले में रिकॉर्ड की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने भर्ती से संबंधित मूल दस्तावेजों और रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। अदालत यह सुनिश्चित करना चाहती है कि चयन प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड में किसी तरह का बदलाव न हो और आगे की जांच के दौरान सभी दस्तावेज उपलब्ध रहें।

हाईकोर्ट ने चयन प्रक्रिया की जांच के लिए स्वतंत्र समिति गठित करने की दिशा में भी आदेश दिए हैं। समिति के जरिए भर्ती में अपनाए गए अंकों के निर्धारण, पदों के वितरण और चयन प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा सकती है। अदालत के आदेश के बाद फिलहाल 41 ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधकों और 44 क्लस्टर समन्वयकों की भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी। अगली सुनवाई में अदालत उपलब्ध रिकॉर्ड, चयन प्रक्रिया और सामने आई विसंगतियों पर आगे विचार करेगी। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े इन पदों की भर्ती प्रक्रिया में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों की नियुक्ति होनी थी। अब हाईकोर्ट की निगरानी में रिकॉर्ड और चयन प्रक्रिया की जांच के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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